Interpretations
1 of 1अँधेरे का इंतज़ार
रात का पहरेदार, हाथ फैलाए, उस अँधेरे का इंतज़ार बड़ी शिद्दत से करता है क्योंकि उसे अँधेरे में आपको रास्ता दिखाकर बहुत अच्छा लगता है, खुशी मिलती है आपकी मदद करके। यह अपना काम बिना रुके, बिना थके, बहुत अच्छे से करता है। रात के अँधेरे का मुकाबला जब उस रौशनी से होता है जो थोड़ी बहुत दिन के उजाले की तरह दिखती है तो संतुलन बना रहता है हम सबकी ज़िंदगी में। सदियों से आग की वो खुद को जलाकर अँधेरे को भगाने की कोशिश, वो दुनिया अलग थी। अब हल्का सा अँधेरा, बाँहें फैलाए हुए इस लाइट को अपने आप जलने पर मजबूर कर देता है, और ये सब आपके लिए, जो आज की दुनिया है। आपने कब आख़िरी बार आग जलाकर अँधेरे में कुछ ढूँढने की कोशिश की थी?
आपका कौन सा दोस्त तस्वीरों में कहानियां ढूंढता है?